जानिए हिंदू धर्म में क्यों नहीं होता है एक ही गोत्र में विवाह? जानिए, धार्मिक और वैज्ञानिक कारण…

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क्या है वैज्ञानिक कारण?
क्या है वैज्ञानिक कारण?

क्या है धार्मिक कारण?
एक ही गोत्र होने पर परिवारों का संबंध एक ही कुल से माना जाता है। ऐसे में लड़का लड़की का संबंध भाई-बहिन का मान लिया जाता है इसलिए फनके बीच वैवाहिक संबंध स्थापित नहीं हो सकता।

क्या है वैज्ञानिक कारण?
इसके पीछे एक बड़ा वैज्ञानिक कारण है जिसे ध्यान में रखकर ही शायद हमारे पूर्वजों ने ये नियम बनया होगा। दरअसल एक ही कुल में जन्म लेने की वजह से गणसूत्र समान मिल जाते हैं ऐसे में दम्पत्ति की होने वाली संतान में आनुवांशिक दोष और बीमारी के होने की संभावना ज्यादा होती है इसलिए समान गोत्र में शादी नहीं करना चाहिए।

महान विचारक ओशो का भी कहना था कि शादी जितनी दूर हो उतना अच्छा होता है इससे होने वाली संतान ज्यादा गुणवान और प्रभावशाली होती है। हिंदू धर्म ग्रथों का भी मानना है कि व्यक्ति को तीन गोत्र छोड़कर यान अपने परिवार, अपनी मां के परिवार और अपनी नानी के परिवार के गोत्र को छोड़कर ही ब्याह करना चाहिए।

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