जानिए हिंदू धर्म में क्यों नहीं होता है एक ही गोत्र में विवाह? जानिए, धार्मिक और वैज्ञानिक कारण…

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फोटो साभार: Speaking Tree
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भारत में अंतर्जातीय विवाह का विरोध हमेशा से होता आया है। लेकिन कभी कभी सजातीय विवाह का भी विरोध होता है और वह इसलिए कि लड़के और लड़की के परिवार के गोत्र का एक ही होना। हिंदू धर्म में जिन परिवारों का गोत्र यानि वंश/कुल एक होता है उनमें शादी नहीं की जा सकती। मान लीजिए लड़के के परिवार का गोत्र वशिष्ठ है और लड़की के परिवार का भी गोत्र वशिष्ठ है तो वे दोनों वैवाहिक बंधन में नहीं बंध सकते। इस तरह वे एक ही पूर्वज यानि वशिष्ठ की संतान माने जाएंगे। इसके पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक दोंनो ही कारण हैं।

हिंदू धर्म की विभिन्न जातियों में अलग-अलग गोत्र होते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर हम ब्राह्मण जाति की बात करें तो इसमें गोत्र सप्तऋषियों ( विश्वामित्र, जमदग्नि, भारद्वाज, गौतम, अत्रि, वशिष्ठ, कश्यप) और आठवें ऋषि अगस्त्य के नाम पर हैं।

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