देशभर में गुस्सा, शहीदों के परिवारों ने मोदी सरकार से कहा- इस बार बयान नहीं, PAK से बदला चाहिए

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नई दिल्ली: उड़ी आर्मी बेस पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमले में 18 जवानों की शहादत के बाद देशभर में गुस्सा है। शहीदाें के परिवार वालों से लेकर नेता, सेलिब्रिटीज और सोशल मीडिया पर मौजूद यूथ इस बार सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई चाहता है। सरकार के स्तर पर सोमवार को दिनभर बैठकों का दौर चला। लेकिन सामने यही बात आई कि पाकिस्तान को हर इंटरनेशनल लेवल पर अलग-थलग किया जाएगा। लेकिन शहीदों के परिवार के लोग कह रहे हैं कि अब देश को बयान नहीं चाहिए। शहादत का बदला चाहिए।

पढ़ें किस कदर है गुस्सा…
1# शहीदों के परिवारों में किस कदर है गुस्सा?
– बिहार के रहने वाले सिपाही अशोक सिंह उरी हमले में आतंकियों से मुकाबला करते वक्त शहीद हाे गए। उनके परिवार को कल शाम खबर मिली। अशोक सिंह की पत्नी कहती हैं, ”कुछ नहीं चाहिए हमें। हमको मेरे पति और 17 जवानों की शहादत का बदला चाहिए।’’
– बिहार के गया के रहने वाले नायक एसके विद्यार्थी भी उरी हमले में शहीद हो गए। उनकी 13 साल की बेटी आरती कुमार ने कहा, ”मोदीजी! पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से दो।”
– बंगाल के रहने वाले सिपाही जी दलाई की शहादत के बाद उनकी मां ने कहा, ”बेटे ने मुझे गुरुवार को फोन किया। उसने कहा कि वहां बमबारी हो रही है और कभी भी जान सकती है। जिन्होंने मेरे बेटे की जान ली है, उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए।’’
– जी. दलाई के पिता कहते हैं, ”मेरा बेटा महज 22 साल का था। सरकार को मेरे बेटे के हत्यारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।”
– नासिक के रहने वाले सिपाही टी संदीप सोमनाथ उरी हमले में शहीद हो गए। उनके परिवार के लोगों ने कहा कि हमारे बेटे की शहादत पर हमें गर्व है। लेकिन पाकिस्तान पर कार्रवाई होनी चाहिए।
– 42 साल के हवलदार रवि पॉल 10 डोगरा रेजीमेंट में थे। उनकी शहादत पर 10 साल का बेटा वंश कहता है, ‘‘मैं आर्मी में डॉक्टर बनूंगा। इसी तरह पिताजी की जान लेने वालों से बदला लूंगा।’’

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