बीजेपी सीएम वसुंधरा के खिलाफ गुस्सा, चला ट्रेंड #तुग़लकी_महारानी, लोग बोले- बेटे को बचाना है ?

भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य राजस्थान में विवादित विधेयक का विरोध होना शुरू हो गया है। जमीन से लेकर सोशल मीडिया पर इस विधेयक को तुगलकी बताया जा रहा है।

राजस्थान पत्रिका के संपादक ने कड़ी निंदा करते हुए लिखा कि, जिस जनता ने सर-आंखों पर बैठाया है वही उखाड़ फेंकेगी। इसके अलावा एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने भी कहा कि, आज कल हर सवाल और साहस को ध्वस्त करने के लिए लोग लगा दिए जाते हैं।

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इस फरमान की आलोचना राजनीतिक पार्टियों ने करना शुरू कर दी है। आम आदमी पार्टी की राजस्थान ईकाई ने सोशल मीडिया पर तुगलकी महारानी टेंड चलाकर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से जवाब मांगा।

सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि, न खाऊंगा न खाने दूंगा वाले अब भ्रष्टाचारी को बचाने के लिए कानून बना रहे हैं। इसके अलावा एक यूजर ने लिखा कि, #तुगलकी_महारानी जी का ये #तुगलकी_फरमान शायद बेटे को बचाने के लिए जारी हुआ है।

दरअसल इस अध्यादेश के मुताबिक अब किसी भी मजिस्ट्रेट, न्यायधीश, नेताओं के खिलाफ जांच नहीं होगी। अध्यादेश का अनुभाग 156 (3) कहता है कि अब वर्तमान या पूर्व रहे किसी भी मजिस्ट्रेट, न्यायधीश, सरकारी कर्मचारी के खिलाफ जांच नहीं होगी।

प्रेस पर शिकंजा कसते हुए अध्यादेश कहता है कि अगर मजिस्ट्रेट, न्यायधीश, नेता किसी मामले में आरोपी होते हैं तो तब तक उनकी प्रेस कवरेज नहीं होगी जबतक उनपर मुकदमा न चल जाए।

इस विवादित अध्यादेश की आलोचना हो रही है। इसकों राज्य में आ रहे विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

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