इंडोनेशिया में मां-बाप के पैर छूने की परंपरा, एक भी वृद्धाश्रम नहीं?

हिंदुस्तान में माता-पिता, घर के बड़ों-बुजुर्गों, शिक्षकों व अन्य के प्रति मान-सम्मान का भाव दिखाने के लिए चरण वंदना की परंपरा है। ऐसे भी कई उदाहरण देखते हैं जब बच्चों ने अपने माता-पिता के पैर धोकर उनका सम्मान किया। लेकिन शायद हिंदुस्तान के कुछ लोगों को लगता है कि हमारी यह परंपरा अब कमज़ोर पड़ रही है। तभी तो इंडोनीशिया की इस तस्वीर से प्रेरणा ले रहे हैं।

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पहले हमने गुरुमुखी यानि पंजाबी भाषा से भी कुछ पोस्ट खोजे। दो मिसाले देखें,

ऐसे और भी पोस्ट आपको मिल जाएंगे जिनमें लिखा गया है, ‘इंडनीशिया में हर स्कूल में एक स्पेशल दिन होता है। उस दिन सारे बच्चों की माओं को स्कूल बुलाया जाता है और उनके बच्चों के द्वारा उनके पैर साफ़ करवाए जाते हैं ताकि ये बच्चे अपने माँ-बाप की सेवा करना ना भूलें। इसका नतीजा यह हुआ है कि इंडनीशिया में एक भी वृद्धाश्रम नहीं है।’

आइए अब अगले पृष्ठ पर आपके सामने ‘पूरी तस्वीर’ रखते हैं।

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