ब्लॉग: ये है दुनिया का सबसे बडा घोटाला, यह महा घोटाला चार तरह से किया गया है।

ब्लॉग: सिद्धार्थ भदोरीया (यूनाइटेड हिन्दी) – तथ्य है कि हमारी जिन्दगी में हम हर रोज पैसे का उपयोग करते हैं, लेकिन आज तक पैसे की सही जानकारी हमे किसी ने नही बताई है । दुनिया के सभी देशों के नागरिकों को यही बात लागू होती है, पैसे का रहस्य किसी को नही बताया जाता है । क्यों कि पैसा एक मान्यता है, पैसा श्रध्धा का विषय है, नागरिक को मान लेना पडता है कि यही पैसा है । नागरिक को सही जानकारी मिलने पर श्रध्धा कम हो जाती है । नागरिक की समज में आ जाता है कि पैसा एक ट्रेप है, पैसा एक स्कॅम है, पैसा ही दुनिया का सब से बडा कौभान्ड है।

प्रसिद्ध कंपनी फोर्ड के संस्थापक हेनरी फोर्ड ने इस व्यवस्था के बारे में कहा है , “यह अच्छा है की देश के लोग हमारी बैंकिंग और मौद्रिक प्रणाली को नही समझते, अगर समझते तो मुझे विश्वास है की कल सुबह होने से पहले क्रांति हो जाये “,

उन धन माफिया बदमाशों कि बेन्किन और मौद्रिक प्रणाली ही महा घोटाला है । यह महा घोटाला चार तरह से किया गया है । पांचवां तरिका भारत में खोज निकाला है ।

१. पेपर करंसी , २. पैसे को कर्ज के रूप में इस्यु करना , ३ ब्याज चुकाने के लिए कोइ करंसी नही छापी जाती , ४. मुद्रास्फीति द्वारा जनता के धन की चोरी करना , ५. असली नकली कारणो को आगे कर नागरिकों के पास रही करंसी को नाबूद कर देना ।

कोइ खास चीज को सब से छुपाना हो तो उसे खूले में छोड दो । किसी को शक नही होगा कि जो हम ढुंढते है वो यही है । धन का खूला कौभांड हमारे सामने है, लेकिन हम कभी शक नही करते कि इसके अंदर क्या क्या घोटाले, क्या क्या मुसिबतें छुपी है । एक सनातन सत्य है कि किसी भी गुनाह का सोल्युशन ढुंढना हो तो धन का पिछा करो….. कहीं गुनाह के पिछे धन का हाथ तो नही? लेकिन धन के कौभांड के गुनाह में बिलकुल उलट है, गुनाह ढुंढनेवाले धन से टकरा कर उलट दिशा में हवा का पिछा करने लगते हैं ।

आगे पढ़िये- धन आता किधर से है ? धन का सप्लाय हमेशा बढता ही जाता है । तो धन कि खदान किधर है, किस जमीन से धन निकलता है ? 

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