NDTV पर सरकार की आलोचना नहीं, देश की संवेदनशील सैन्य सूचना लीक करने का आरोप है! अंतर समझिए!

Click on Next Button

ब्लॉग – Anshuman Gupta (यूनाइटेड हिन्दी) – याद रखिए, #एनडीटीवी पर सरकार की आलोचना करने का नहीं, बल्कि आतंकी हमलों के दौरान गैर जिम्मेदारी से कवरेज करने और संवेदनशील मुद्दों को जगजाहिर करने का आरोप है! इसलिए जहां सोशल मीडिया पर आम लोग सरकार के निर्णय का समर्थन कर रहे हैं, वहीं केवल लेफ्ट लिबरल, कांग्रेसी व कठमुल्ला जमात और अब तक पत्रकारिता की आड़ में पॉवर ब्रोकिंग कर रहे पत्रकार ही एनडीटीवी के समर्थन में ट्वीट बम छोड़ और फेसबुअ पेज बना रहे हैं! आप सोशल मीडिया को गौर से वाच कीजिए, फर्क पता चल जाएगा! ndtv-channel-said-emergency

मीडिया के वेब एक और खेल म़े जुटे हैं! वो एनडीटीवी के समर्थन वाले कुछ पावर ब्रोकर पत्रकरों व व्यक्तियों के ट्वीट को ही मुख्य खबर बनाकर पेश कर रहे हैं, जिसका नतीजा राष्ट्रवादियों के एक छोटी जमात के अंदर पैदा भ्रम के रूप में दिख रहा है!

मैं पहले भी कहता रहा ह़ूं कि लेफ्ट जमात ने राष्ट्रवादियों के एक वर्ग के अंदर आत्मविश्वास की इतनी कमी उत्पन्न कर दी है कि उनका विश्वास खुद पर से मामूली तर्क-कुतर्क पर भी डोल जाता है!

ऐसे लोगों को देख रहा हूं कि ‘एनडीटीवी को सरकार ने शहीद होने का मौका दे दिया’- के कुतर्क में फंसने लगे हैं! या यू़ कहिए, लेफ्ट जमात के बिछाए जाल में फंसने लगे हैं!

नेहरू-इंदिरा ने मीडिया को अपने स्वार्थ के लिए कुचला, वो तब भी शासन करते रहे और अब भी उनका ही गुणगान हो रहा है! लेफ्ट पत्रकारों की फंडिंग पर रूसी जासूसी एजेंसी #KGB

की रिपोर्ट पढ़िए! फिरोज गांधी इंडियन एक्सप्रेस की न्यूज कैसे मैनेज करते थे, खोज कर निकालिए! मोरारजी देसाई को पीएम बनने से कुलदीप नैयर ने कैसे अपनी एक रिपोर्ट से रोक दिया, छनबीन कीजिए!

मोदी सरकार ने देशहित में सैन्य रिपोर्टिंग को जिम्मेदार बनाने की कोशिश की है तो आप तरह-तरह के कुतर्क में फंस रहे हैं!

यही कारण है कि जनता द्वारा ठुकराए जाने के बावजूद वामपंथ पिछले दरवजे से अब तक आपको संचालित कर रहा है! टेक्सबुक से लेकर मीडिया बुक तक वही मौजूद है! वाम की ताकत झूठ है, उसे तोड़ने के लिए अगर-मगर के असमंजस से बाहर निकलिए और कुछ गलत भी करना पड़े तो करिए!

कृष्ण, चाणक्य के देश में अगर-मगर में फंसे लोगों को अपने अतीत से कूटनीति सीखनी चाहिए- साम-दाम-दंड-भेद! जीता वही है, जो दूसरों को मारना जानता है! वाम विचार व वैचारिक संस्थानों का खात्मा भारत के हित में जरूरी है!

#ShutDownNDTV #FakeItLikeNDTV #NDTVBanned 

Anshuman Gupta जी Oldveda.com के संस्थापक है व कर्म से आयुर्वेदिक डॉक्टर है।

(लेख के विचार पूर्णत: निजी हैं , एवं यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम इसमें उल्‍लेखित बातों का न तो समर्थन करता है और न ही इसके पक्ष या विपक्ष में अपनी सहमति जाहिर करता है। इस लेख को लेकर अथवा इससे असहमति के विचारों का भी यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम स्‍वागत करता है। इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है। आप लेख पर अपनी प्रतिक्रिया  unitedhindiweb@gmail.com पर भेज सकते हैं। ब्‍लॉग पोस्‍ट के साथ अपना संक्षिप्‍त परिचय और फोटो भी भेजें। अगर आप भी भारत के लिए ब्‍लॉग लिखने इच्छुक लेखक है तो भी आपका यूनाइटेड हिन्दी पर स्वागत है।)

Click on Next Button

To Share it All 🇺🇸🇮🇹🇩🇪NRI Citizens

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *