अभी-अभी इस्लामिक आतंकी ट्रेनर जाकिर नाईक के 10 ठिकानों पर एनआईए ने छापे मारे

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मुंबई: विवादित इस्लामिक आतंकवादी ट्रेनर व इस्लामिक विद्वान डॉ ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ 5 साल की पाबंदी के बाद अब राष्ट्रिय जांच एजेंसी एनआईए ने भी मामला दर्ज कर लिया है। इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के दफ्तर की तलाशी ली जा रही है। एनआईए ने  आतंकवाद विरोधी कानून  और IPC की धारा 153A के तहत मामला दर्ज किया है। एनआईए के आई जी अलोक मित्तल ने मीडिया को बताया कि मुंबई में कुल 10 जगहों पर तलाशी अभियान जारी है। छापेमारी करते हुए अहम दस्तावेजों को कब्जे में लिया है। इस छापेमारी को अंजाम देने के लिए एनआईए के साथ भारी संख्या में मुंबई पुलिस के जवान मौजूद रहे।

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इससे पहले गुरुवार 17 नवम्बर की रात डोंगरी में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के दफ्तर के बाहर पाबंदी का नोटिस चिपका दिया गया था। नोटिस में  ज़ाकिर नाइक और उनसे जुड़े जो भी मामले दर्ज हैं उन सभी की जानकारी दी गई है। संस्था के बाहर लगाए गए नोटिस में साफ़ तौर पर लिखा गया है कि  डॉक्टर ज़ाकिर नाइक अपने अनुयायियों को विभिन्न धार्मिक समुदायों और समूह के बीच धर्म के आधार पर शत्रुता, घृणा और वैमनस्य की भावना बढ़ने और बढ़ाने का प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करते रहे हैं।

उनकी संस्था के लिए प्रयोग होने वाले 10 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। जहां से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। अब एनआईए लंबे समय से विदेश यात्रा पर चल रहे जाकिर नईक को भारत लाने का प्रयास करेगी। ऐसा कहा जा रहा है कि भारत में अपने खिलाफ हो रही जांच से चौकन्ना होने के बाद जाकिर नईक ने किसी इस्लामिक देश में शरण ले रखी है।

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एनआईए प्रवक्ता के मुताबिक जाकिर नईक द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का गुणगान किया जाना और हर मुसलमान को आतंकवादी होने की बात कही थी।

नोटिस में यह भी लिखा है कि ज़ाकिर नाइक, ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकवादी का समर्थन करते हैं, साथ ही ये घोषणा भी करते हैं कि हर मुसलमान को आतंकी होना चाहिए। आतंकवादी घटना में गिरफ्तार किये गए या ISIS के साथ सहानुभूति रखने वालों के वक्तव्यों से पता चलता है कि सभी ज़ाकिर नाइक के बयानों से प्रेरित है।notice

नोटिस में साफ लिखा है परिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए ये मत है  कि IRF यानि इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को तत्काल प्रभाव से एक गैर विधिपूर्ण संगठन घोषित करना जरूरी है। इसलिएअतः अब विधिविरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम 1967 की अलग अलग धाराओं के तहत केंद्रीय सरकार, इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को विधिविरुद्ध संघ घोषित करती है।

मुंबई में रहने वाले मुस्लिम आतंकी ट्रेनर डॉ ज़ाकिर नाइक की मुसीबतें  बांग्लादेश में आतंकी हमले के बाद शुरू हुई थी जब आतंकी हमले के एक आरोपी ने खुद को ज़ाकिर नाइक का समर्थक बताया था। उसके बाद से ही केंद्र और राज्य सरकार ज़ाकिर नाइक और उनकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ जांच में जुट गईं थी। जब जांच का ऐलान हुआ तब डॉ ज़ाकिर नाइक विदेश में थे और उसके बाद से वापस भारत लौटकर नहीं आए हैं।

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