ब्लॉग: कृपया पूरा पढ़ें और पहचाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आस्तीन के साँपों को….

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ब्लॉग: Satish Chandra Mishra (यूनाइटेडt हिन्दी) – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल गोवा का भाषण देश के इतिहास के पन्नों का सर्वाधिक स्वर्णिम पृष्ठ बनकर दर्ज हो चुका है। आज उन्होंने देश को आगाह भी कर दिया है कि वो लोग मुझे ज़िंदा नहीं रहने देंगे… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह बात हम आप सरीखी देश की जनता के लिए अत्यंत गम्भीर सन्देश और चेतावनी है। इससे हमारा आपका दायित्व और बढ़ गया है कि हम उन लोगों को पहचाने जो “मोदी समर्थक” की खाल ओढ़कर देश को अबतक भ्रमित किये हुए थे और अवसर खोज रहे थे अपना क्षुद्र स्वार्थ सिद्ध करने का! किन्तु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी उम्मीदों पर वज्राघात कर दिया हैं। ऐसे लोग कालेधन पर प्रधानमंत्री के जानलेवा प्रहार का शिकार बनने के बाद अब आस्तीन में छुपे जहरीले सांप की तरह उन्हें डसने में जुट गए हैं।

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इन दिनों “आजतक” NDTV सरीखे न्यूज चैनलों द्वारा देश में फैलाये जा रहे मोदी विरोधी जहर से तो हम सब परिचित हैं किन्तु आज से मैं शुरुआत कर रहा हूँ उन आस्तीन में छुपे साँपों का चेहरा उजागर करने की जो कालेधन के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ज़ंग से तिलमिला कर उन्हें डसने की कोशिश कर रहे हैं।

अब मैं अपनी बात प्रारम्भ करता हूँ….
अगर दिल्ली के पॉश इलाके में राजदीप सरदेसाई के तथाकथित 56 करोड़ के मकान पर सोशल मीडिया सवाल पूछ सकता है और उसका वह सवाल देशव्यापी सुनामी बन सकता है, तो फिर एक कमरे के घर में अपने 8 भाई बहनों के साथ जीवन गुजारने के बाद 1990 के शुरुआती दिनों में एक सामान्य साधारण पत्रकार के रूप में अपना पेशेवर जीवन प्रारम्भ करने वाला रजत शर्मा केवल 10-12 वर्षों बाद ही सैकड़ों करोड़ के न्यूज चैनल का मालिक कैसे बन गया.?

यह सवाल भी सोशल मीडिया पर क्यों नहीं पूछा जाना चाहिए.? और उस सवाल को सुनामी क्यों नहीं बन जाना चाहिए.?

आज यह सवाल इसलिए क्योंकि 8 नवम्बर को देश में कालेधन के खिलाफ प्रारम्भ हुआ ऐतिहासिक युद्ध इस देश का हर वो नागरिक लड़ रहा है जो सैकड़ों लोगों की लम्बी लम्बी लाइनों में घण्टों खड़ा हो रहा है लेकिन कह रहा है कि यह फैसला बहुत बढ़िया है और बहुत जरूरी था। लेकिन इस रजत शर्मा का न्यूज चैनल और यह स्वयम भी उस नागरिक के मनोबल को ध्वस्त करने तथा देश में भय आशंका मातम का वातावरण फ़ैलाने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर किस तरह लगा रहा है। इसका एक उदाहरण देता हूं….. 

सरकार के फैसले से दिल्ली में 40 हज़ार शादियों के मातम में बदल जाने का राग अलाप कर इसी के न्यूज चैनल ने अत्यंत शातिर और सुनियोजित तरीके से सरकार के फैसले के खिलाफ जनता को भड़काने की मुहिम प्रारम्भ की थी। मैं यह बात यूं ही नहीं कह रहा, 9 नवम्बर को इसका एक संवाददाता एक व्यक्ति को अपने कैमरे के सामने बैठाये हुए था। उस व्यक्ति ने बताना शुरू किया था कि मैंने पिछले हफ्ते ही बैंक से 7 लाख रू निकाले थे क्योंकि 2 दिन बाद मेरी बेटी की शादी है लेकिन सरकार के इस फैसले से मैं तो बरबाद हो गया, मैं लुट गया, लगता है मुझे कुछ हो जाएगा…. इतना कह कर वो व्यक्ति अपना सीना पकड़कर मातमी मुद्रा में ऐसे झूमने लगा था कि मानो उसको हार्ट अटैक पड़ गया है! उस व्यक्ति के चुप होते ही रजत शर्मा के न्यूज चैनल का संवादददाता उस व्यक्ति से भी ज्यादा मातमी मुद्रा में उस परिवार की स्थिति का परिचय इस अंदाज़ में देने लगा था मानो वह परिवार तो तबाह ही हो गया है। संवाददाता की इस न्यूज चैनली नौटँकी के बाद स्क्रीन पर रजत शर्मा स्वयम चमका था और रूंधी हुई भारी आवाज़ में यह बताने लगा था कि दिल्ली के उन सभी 40 हज़ार घरों की यही स्थिति है जहां शादियां होने वाली हैं। इसके बताने का अंदाज़ कुछ ऐसा था मानो उन घरों पर कोई समस्या नहीं आयी हो बल्कि उन घर्रों में मौत मंडरा रही हो…?

मित्रों अब समझिये इस खेल को… वो आदमी जो बैंक से 7 लाख निकाल चुका था क्या वो उसको वापस बैंक में जमा नहीं कर सकता था.? दिल्ली जैसे शहर में गहने कपड़े फर्नीचर या कोई भी अन्य उपयोगी सामान बेचने वाली ऐसी दुकानों की कोई कमी है जो ATM डेबिट कॉर्ड स्वैप करके भुगतान लेती हों.? दिल्ली की हर प्रमुख सड़क पर ऐसी दर्जनों दुकाने मिल जाएँगी। रही बात केटरिंग और टेंटवाले की तो सामान्यतः इसका जिम्मा किसी एकदम अनजान के बजाय किसी परिचित या फिर अपने किसी परिचित के जानने वाले केटरिंग टेंट वालों को ही सौंपा जाता है। जो आपसी समझबूझ से एक-दो दिन आगे पीछे पैसा लेने को तैयार हो जाता है। लेकिन फिर भी यदि वह नहीं मानता तो अपनी नकदी बैंक में जमा करा के उसको चेक दिया जा सकता है, वर्तमान कोर बैंकिंग के दौर में लोकल चेक की राशि उस केटरिंग/टेंट वाले के खाते में दो दिन में जमा हो जाएगी।

लेकिन रजत शर्मा या उसके संवाददाताओं की टीम इन सब सच्चाइयों को बताने के बजाय उसको छुपाते हुए अपने न्यूज चैनल के माध्यम से सिर्फ और सिर्फ देश की जनता को भय आशंका हंगामे की गहरी अँधेरी खाई में धकेल कर देश में नरेंद्र मोदी के खिलाफ जनाक्रोश की आग भड़का कर देश को दंगे फसाद के दावानल में झोंकने की तैयारी में व्यस्त हैं।

ध्यान रहे कि… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल ही जापान में कहा था कि… कुछ लोग जनता के मुंह में ऊँगली डालकर उससे बुलवा रहे हैं कि… बोलो… नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलो…. अतः निश्चित ही इस बात की जाँच होनी चाहिए कि इस रजत शर्मा के पास कितना कालाधन है और कालेधन वाले उन माफियायों से इसके क्या और कितने करीबी सम्बन्ध हैं जिनके बारे में स्वयम नरेंद्र मोदी जी ने कहा है कि… वो मुझे जिन्दा नहीं छोड़ेंगे…..

 (लेख के विचार पूर्णत: निजी हैं , एवं यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम इसमें उल्‍लेखित बातों का न तो समर्थन करता है और न ही इसके पक्ष या विपक्ष में अपनी सहमति जाहिर करता है। इस लेख को लेकर अथवा इससे असहमति के विचारों का भी यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम स्‍वागत करता है। इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है। आप लेख पर अपनी प्रतिक्रिया  unitedhindiweb@gmail.com पर भेज सकते हैं। ब्‍लॉग पोस्‍ट के साथ अपना संक्षिप्‍त परिचय और फोटो भी भेजें। अगर आप भी भारत के लिए ब्‍लॉग लिखने के इच्छुक लेखक है तो भी आपका यूनाइटेड हिन्दी पर स्वागत है।)

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