नोटबंदी का 22वां दिन- RBI ने लगाई दोगुनी ताकत, 500 के नोटों को छापने की बढ़ाई रफ्तार

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नई दिल्ली : 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद होने के बाद आम जनता को बड़ी दिक्कतें हो रही है। देशभर में रोजाना कैश की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है 500 रुपए के नोटों की कमी को लेकर। 2000 रुपए के नए नोट तो बैंकों और एटीएम में धड़ल्ले से मिल रहे हैं। लेकिन बैंकों और ATM में 500 रुपए वाले नए नोट की कमी है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बाजार में 500 रुपए के नोटों की कमी है और इसके पीछे बड़ी वजह बताई जा रही है कम नोटों का छपाई। 2000 के नए नोटों की छपाई तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की प्रेस में हो रही है। वहीं, 500 के नोटों की छपाई सरकार के स्वामित्व वाली महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश के देवास स्थित प्रेस में हो रही है।

500 के नोट छापने की रफ्तार की दोगुनी- टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक आरबीआई ने कहा है कि 500 रुपये के नोटों की प्रिंटिंग को बढ़ाकर डबल कर दिया गया है। सरकारी प्रेस नासिक और देवास में 500 रुपए के नोटों की छपाई होती है। अब नासिक के करेंसी प्रेस नोट में 500 रुपए के नए नोटों की छपाई दोगुनी कर दी गई है। अब यहां रोजाना करीब 80 लाख 500 रुपए के नए नोटों की छपाई हो रही है. इन नोटों का मूल्य 400 करोड़ रुपए है।

500 के नोट नहीं होने से बढ़ी परेशानी- नोट बैन के पहले सिस्टम में चल रहे है 14 लाख करोड़ रुपए की वैल्यू वाली करंसी में 500 रुपए के नोट की करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी थी। यानी 500 रुपए के नोट की वैल्यू करीब 8 लाख करोड़ थी। इस समय अचानक में इतनी वैल्यू वाली करंसी बाजार में नहीं है। जिसकी वजह से लोगों के पास 100 रुपए के बाद सीधे 2000 रुपए के ही नोट मिल रहे है। इस कारण लेन-देन खरीद में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कैसे छपते हैं नोट…
– 2000 रुपए के नोट भारतीय रिजर्व बैंक की मैसूर प्रेस में छप रहे हैं।
– जबकि 500 रुपए वाले नए नोट नासिक और देवास (एमपी)में छप रहे हैं।
– नासिक और देवास, दोनों प्रिंटिंग प्रेस भारत सरकार द्वारा संचालित है।
– इन तीन के अलावा चौथा प्रिंटिंग प्रेस पश्चिम बंगाल के साल्बोनी में है।
– जिसपर आरबीआई का नियंत्रण है और यहां से 100 रुपए के नोट छपते हैं।

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