‘दृष्टांत’ मैग्जीन में प्रकाशित हुई मुलायम खानदान की अकूत संपत्ति पर कवर स्टोरी

उत्तर प्रदेश का लूटकाल (अनूप गुप्ता) – लगभग ढाई दशकों से तथाकथित अंगूठा छाप नेता परियोजनाओं की आड़ में यूपी का खजाना लूटते रहे। जिन नौकरशाहों के हाथ में लूट को रोकने की जिम्मेदारी थी, वे भी लूट की बहती गंगा में हाथ धोते रहे। परिणामस्वरूप जनता की गाढ़ी कमाई से भरा सरकारी खजाना खाली होता चला गया और नौकरशाहों से लेकर खादीधारियों के निजी खजाने लबालब होते चले गए। सूबे का विकास केन्द्रीय सरकारों की भीख पर निर्भर होने लगा तो दूसरी ओर नेताओं के पास अकूत धन-सम्पदा इकट्ठी होती चली गयी।

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जिनकी हैसियत चार पहिया वाहन खरीदने तक की नहीं थी, अब उन्हीं के बेटे, नाती-पोते, बहू-बेटियों और पत्नी के पास लग्जरी कारों का काफिला है और वह भी चन्द वर्षों में। जो लखपति थे वे अरबपति हो गए और जो करोड़पति थे उनके पास इतनी दौलत इकट्ठा हो गयी कि उन्हें खुद ही नहीं मालूम कि वे कितनी दौलत के मालिक हैं। हैरत तो इस बात की है कि एक चुनाव से दूसरे चुनाव (अधिकतम पांच वर्ष) में चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामे में उनकी सम्पत्ति आश्चर्यजनक तरीके से कई गुना बढ़ती रही और वह भी बिना किसी उद्योग धंधे के। जनता की गाढ़ी कमाई से भरे सरकारी खजाने लूटने वाले सफेदपोशों की लम्बी फेहरिस्त है। कुछ ऐसे हैं जिन्होंने अल्प समय में आश्चर्यजनक तरीके से दौलत इकट्ठा कर ली कि उनका कथित भ्रष्ट चेहरा आम जनता के सामने आ गया।

सरकार खजाने पर हाथ साफ कर अपना घर भरने वालों में एक चर्चित नाम मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार का है। व्यवसाय के रूप में सिर्फ खेती दर्शाने वाला मुलायम परिवार मौजूदा समय में अरबों की धन-सम्पदा के मालिक हैं। आय से अधिक सम्पत्ति को लेकर उनके खिलाफ जनहित याचिका भी दायर की जा चुकी है। मामला सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई तक भी पहुंचा। जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित करने का दावा किया तो दूसरी ओर सीबीआई ने भी जांच के उपरांत रिपोर्ट तैयार कर लेने का दावा किया। रिपोर्ट तैयार हुए वर्षों बीत गए लेकिन न तो सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई रुचि दिखायी और न ही सीबीआई ने। हाल ही में दैनिक समाचार पत्रों में एक खबर प्रकाशित हुई कि, ’सुप्रीम कोर्ट ने मुलायम और उनके परिवार के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में सीबीआई जांच की अर्जी खारिज कर दी‘। हैरत इस बात की है कि सीबीआई तो काफी पहले ही अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट तैयार करके बैठा है। उसे इंतजार है तो सिफ केन्द्र सरकार की तरफ से इशारे का। जिस दिन केन्द्र सरकार ने सीबीआई को इजाजत दे दी उसी दिन मुलायम एवं उनके परिवार का भविष्य तय हो जायेगा।

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