इसाई एजेंडा चलाने वाली टेरेसा थी कट्टरपंथी और धोखेबाज : तसलीमा नसरीन

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नई दिल्ली- भारत में निर्वासित जीवन बिता रही चर्चित बंगलादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन तथाकथित संत घोषित होने जा रही मदर टेरेसा पर मार्च में ट्वीट कर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

गौरतलब है कि तस्लीमा पहले भी टेरेसा पर सवाल उठाती रही है। पिछले साल फरवरी में उन्होंने मदर टेरेसा को मूर्ख बताते हुए कहा था कि वह गरीबों की नहीं गरीबी की हमदर्द थी। तब उन्होंने कहा था कि जब वे आंध्र ज्योति तेलगू की ब्यूरो चीफ थी तो 1975 में उन्होंने हैदराबाद में मदर टेरेसा का इंटरव्यू किया है। उन्हें टेरेसा बेवकूफ लगीं थीं।

तब नसरीन ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि मदर टेरेसा धोखेबाज और कट्टर थीं। वह गरीबी और दुख को आध्यात्मिक करार देती थीं। उन्हें गरीबों से नहीं गरीबी से हमदर्दी थी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में वेटिकन ने घोषणा की थी कि वह ‘कथित रूप से’ सेवा कार्य करने वाली और गरीबों की भलाई के लिए काम करने वाली मदर टेरेसा को संत की उपाधि देगा।

वेटिकन के इस फैसले पर कई लोगों ने सवाल खड़े किये हैं क्योंकि टेरेसा पर आरोप था कि वो भी मिशनरियों की तरह सेवा की आड़ में धर्म परिवर्तन का घृणित खेल चलाती थी। ऐसे तथ्यों की भी कमी नहीं है जो यह साबित करते हैं कि टेरेसा का एजेंडा सेवा नहीं बल्कि ईसाईयत का प्रचार था। मदर टेरेसा पर ऐसे भी आरोप लगे थे कि वह दर्द से कराहते लोगों की सेवा करने के बजाय उन क्षणों का आनंद लेती थी और पीड़ित के दर्द से कराहने को उसे जीजस का किस करना बताती थी।

तस्लीमा ने टेरेसा को संत घोषित करने के फैसले पर अफ़सोस जताते हुए ट्वीट किया है कि…. 

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