मोबिन अहमद पुत्र गुलाम रसूल ने आतंकवादियों को सबक सिखाने के लिए हिन्दू धर्म स्वीकार किया….

श्री हिन्दू तख़्त के राष्ट्रीय प्रचारक वीरेश शांडिल्य की मौजूदगी में बिना दवाब के स्वेच्छा से हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया।

पत्रकारों ने मोबिन अहमद से जब प्रशन पूछा की जव वह देश सेवा करना चाहते है तो मुसलमान बनकर भी कर सकते है? तो उन्होंने अपने उत्तर में कहा की वह पापिस्तानी आतंकियों व मुस्लिम देशद्रोहियों को सबक देना चाहते है और हिन्दुस्तान का मुसलमान खुश है। उन्होंने कहा की पाकिस्तान के लोगों ने जो आतंकी घटना 26/11 को की व पठानकोट में की थी, दीनानगर, उडी में आतंकी हमला किया था। उन्होने कहा पाकिस्तानी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में भारत की मस्जिदों का व मुस्लिम उलेमा का उसमे जो पैसा लगता है क्या कभी किसी उलेमा ने हिन्दुस्तान के जरूरतमंद गरीब मुसलमान को कुछ भेजा है। उन्होंने कहा की जो हिन्दू धर्म अपनाकर मैंने फैंसला लिया वह पूरे देश में अब मुस्लिम समाज से मांग करेंगे की हिन्दुस्तान को बचाने के लिए एक मंच पर आए । हिन्दुस्तान से आतंकवाद का खात्मा करने के लिए एक मंच पर आए । मोबिन अहमद ने धर्म परिवर्तन करने से पूर्व स्वेच्छा से तमाम औपचारिकताएं पूरी की और हिन्दू धर्म व सनातन धर्म की सेवा करने का संकल्प लिया और कहा की वह देश की एकता और अखंडता को मजबूत करेंगे ।

इस अवसर पर श्री हिन्दू तख़्त के राष्ट्रीय प्रचारक वीरेश शांडिल्य ने कहा की उन्होंने मोबिन अहमद को कहा था की वह देश की सेवा करना चाहते है तो मुस्लिम बनकर भी कर सकते है क्योंकि अशफाक उल्लाँ खान मुसलमान थे और उन्होंने देश के लिए फांसी के फंदे को चूम लिया था । लेकिन जब मोबिन अहमद ने कहा की वह पाकिस्तानी मुस्लिमों को सन्देश देना चाहते है की वह हिन्दुस्तान के लिए कुछ भी कर सकते है और भारतीय जवानों के सर कट रहे है इससे वह दुखी थे क्योंकि इससे हिन्दुस्तान के मुस्लिमों की छवि खराब हो रही थी । उन्होंने कहा हिन्दू तख़्त उनकी भावनायों की कद्र करती है और विधिवत रूप से उन्होंने सिरोपा देकर सम्मानित किया । उन्होंने हिन्दुस्तान के मुसलमानों से अपील की वह पाक आतंकवाद को ललकारें, वन्दे मातरम कहे, राष्ट्रगान गाये उन्होंने कहा की दुःख की बात है की एक इमाम ने अपने ही देश के प्रधानमंत्री का सर काटने की अपील कर डाली उन्होंने कहा की हिन्दुस्तान के मुसलमानों को उस इमाम का बायकोट कर देना चाहिए और उसके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करना चाहिए । इस मौके पर कुलवंत सिंह मानकपुर, सुरेश शर्मा, जसमीत जस्सी, लखविन्द्र सिंह साधापुर, केसर सिंह आदि मौजूद थे ।

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