VIDEO: SIMI आतंकी की मां ने की मांग, बेटे को दें शहीद का दर्जा

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भोपाल (यूनाइटेड हिन्दी) – गौवर्धन पुजा के दिन मारे गए मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के आतंकी के परिवार वालों ने अब मध्य प्रदेश सरकार से अजीब मांग की है। सिमी के आतंकी जाकिर की मां ने कहा कि उनके निर्दोष बच्चों की शहादत हुई है। उनके बच्चे को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। अब यहाँ यूनाइटेड हिन्दी का सवाल है की उनके बेटों से ऐसा देश सेवा का कौनसा भला कार्य किया था की वो शहीद कहायेंगे ?

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वहीं मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के आतंकी अकिल और सादिक के परिवार वालों ने जल्द शव सौंपने की मांग की है। वहीं आतंकियों के गोली के शिकार हुए शहीद सीताराम के परिवार में आज दीपावली की ही तरह ही खुशियां मनाई गई है। भोपाल जेल से भागे आठ मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के आतंकीयों में से पांच तो मध्यप्रदेस के खंडवा जिले के मूल निवासी है।
1 अकील पिता युशुफ खिलजी, 2 जाकिर पिता बदरुल हुसैन
3 मेहबूब पिता शेख इस्माइल, 4 अमजद पिता सलमान
5 मो सादिक पिता मो हकीम

खंडवा में हुआ था जेल ब्रेक कांड – मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के भागे आतंकियों में से कुछ आतंकवादी वे भी हैं जो 2013 में खंडवा जेल से फरार हुये थे। उन्हें काफी मसकत के बाद पगिरफ्तार करके  भोपाल जेल लाया गया था। सभी मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के आतंकियों को भोपाल जेल में ही रखा गया था। 2 अक्टूबर 2013 को सात कैदी भागे थे। उसके बाद मध्य प्रदेश में जितने भी मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के आतंकी अन्य जेलों में बंद थे उन सबको एक जगह लाया गया था। सभी को कड़ी सुरक्षा वाले भोपाल सेंट्रल जेल में रखा गया। यहां मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के करीब 30 आतंकी रखे गए। इन्हीं में से 8 आतंकी दीपावली की काली रात को भागे थे जिनका अंत कर दिया गया है।

खंडवा जेल से भागे थे ये सिमी आतंकी
अक्टूबर 2013 में खंडवा जेल से मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के छह आतंकी अबू फैजल खान, एजाजुद्दीन अजीजुद्दीन, असलम अय्यूब, अमजद, जाकिर, शेख महबूब और आबिद मिर्जा फरार हो गए थे। जबकी आबिद को कुछ ही देर बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। अबू फैजल, इरफान नागौरी और खालिद अहमद को एटीएस ने 25 दिसंबर 2013 को सेंधवा पठार के पास से काफी मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था।

इसलिए चुना 30 अक्टूबर
भोपाल सेंट्रल जेल से मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के आठ खतरनाक आतंकवादी फरार हो गए थे, इस बारे में एक बड़ा अहम खुलासा करने जा रहा है कि सिमी आतंकियों के 30, 31 अक्टूबर की दरमियानी रात को भागने के पीछे क्या वजह हो सकती है,? दरअसल, एमपी के भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद सिमी के सबसे खतरनाक आतंकी अबु फैजल को पिछले साल 30 अक्टूबर को ही एटीएस सिपाही सीताराम यादव की हत्या के मामले में दोषी करार दिया था, अदालत ने 31 अक्टूबर को अबु फैजल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

ऐसे में 30 अक्टूबर की रात को जेल से भागने की साजिश रचना और 31 अक्टूबर की तड़के जेल से फरार होने को अबु फैजल की सजा सुनाए जाने की तारीख से जोड़कर भी देखा जा रहा है। चार साल चले मुकदमे और 69 गवाहों के बयान के बाद अबु फैजल को उम्रकैद की सजा दी गई थी। मुस्लिम आतंकी संगठन सिमी के आतंकी द्वारा सीताराम यादव की हत्या 28 नवंबर 2009 को खंडवा शहर के तीन पुलिया में की गई थी। अबु फैजल ने यह हत्या सीताराम को इस्लाम का खोफ दिखाने और एटीएस में सिमी आतंकियों में खौफ पैदा करने के लिए की थी। अपने बयान में खुद अबु फैजल ने यह कुबूल किया था।

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