खुलासा : ममता बनर्जी पाँच बार की नमाजी है, गौमांस का भी करती है सेवन !

यूनाइटेड हिन्दी : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भले ही एक गरीब परिवार से थी पर आज ममाता बनर्जी के भतीजे के पर अरबों की संपत्ति है, और पश्चिम बंगाल में तो चिटफण्ड घोटाला ही ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस चला रही थी। ममता बनर्जी अपने राजनितिक जीवन की शुरुवात में कांग्रेस की सदस्य थी।

पश्चिम बंगाल में मोटा मोटी दो ही पार्टियां हुआ करती थी, एक वामपंथी और एक कांग्रेस, और ममता बनर्जी ने वामपंथियों को इसलिए नहीं चुना क्योंकि वो किसी भी धर्म को बढ़ावा नहीं देते (हालाँकि ये केवल एक झूठ है, भारत के वामपंथी कट्टरपंथी इस्लामिक है)।

ममता बनर्जी ने कांग्रेस की सदस्यता की, और कोलकाता यूनिवर्सिटी में पढाई के दौरान ममता बनर्जी ने अपना सब्जेक्ट चुना “इस्लामिक हिस्ट्री” इतने सारे सब्जेक्ट में ममता बनर्जी को इस्लामिक हिस्ट्री ही पढ़ना था। थोड़े दिनों बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस छोड़ अपनी अलग पार्टी बना ली जिसे आज आप तृणमूल कांग्रेस कहते है।

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ममता बनर्जी को भले बंगाल से बाहर लोग ममता बनर्जी के नाम से जानते है पर पश्चिम बंगाल में तीन करोड़ अवैध बांग्लादेशी और बाकि अन्य जिहादी ममता बनर्जी को दूसरे नाम से भी जानते है। आप किसी भी बंगाली से इसकी पुष्टि भी कर सकते है, ममता बनर्जी का एक और नाम है “मुमताज़ ममासा खातून ।

इसके साथ साथ ममता बनर्जी के बारे में पश्चिम बंगाल के ही लोग कहते है की, ममता बनर्जी कभी बिंदी नहीं लगाती चूँकि मुसलमान महिलाएं बिंदी नहीं लगाती, न चूड़ी पहनती है। दूसरी बात ममता बनर्जी दिन में पाँच बार नमाज भी पढ़ती है और स्वयं ममता बनर्जी ने ही 2003 में भारत की संसद में गौमांस पर बैन के कानून का विरोध करती हुई कह चुकी है की “गौमांस खाना मेरा मौलिक अधिकार” है । कुल मिलकर ये कहा जा सकता है की, ममता बनर्जी को कम से कम सेक्युलर नहीं कहना चाहिए न ही मानना चाहिए, वो तो कट्टर इस्लामी है।

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