हम पाखंड के कारण नदियों में दूध बहाते रहे और देश ‘भूखमरी’ में 100वें स्थान पर पहुंच गया !

नई दिल्ली : ग्लोबल हंगर इंडेक्स की सूची में भारत 100 वें पायदान पर है। इससे साफ है कि भारत में भयंकर भूखमरी व्याप्त है। भारत चाहे दुनिया के सामने कितना भी तरक्की और उभरती अर्थव्यवस्था का दंभ भर ले।

लेकिन हम इससे कत्तई मुँह नहीं मोड़ सकते कि आज भी देश में सैकड़ों मौतें खाने की कमी या खाना नहीं मिलने से होती हैं। खाना नहीं मिलने की वज़ह से झारखण्ड में एक 11 वर्षीया बच्ची की मौत की खबर दिल को दहला देने वाली थी।

लेकिन भारत जैसे आडंबरवादी आस्था और पाखंडी मान्यताओं के देश में जहाँ हमारे नेता ही अंधविश्वास में कई सैंकड़ों लीटर दूध और खाने की सामग्री पत्थरों पर चढ़ा एवं नदियों में बहा देते हैं तो स्थिति और भी भयानक हो जाती है कि ऐसे में देश के भूख से मर रहे लोगों को खाना कौन खिलाएगा।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है जिसमें वो नदी में बाल्टी से दूध पानी में गिरा रहे हैं। योगी द्वारा पानी में दूध गिराए जाने का क्या औचित्य है?

वहीं दूसरी तरफ झारखण्ड की 11 वर्षीया बच्ची संतोषी “भात-भात” कहते मर जाती है मगर उसे खाने के बदले उसका आधार कार्ड माँगा जाता है।

इसको लेकर एक यूजर ने लिखा कि “भूखा बच्चा भात-भात चिल्ला कर मर जाता है! लेकिन यहाँ घी और दूध पानी में बहा देते है! पता नही ऐसे कौन से ईश्वर हैं जो इससे खुश हो जाते हैं? यह भक्ति नहीं अंधविश्वास है।

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