‘शिवाय’ तो सुपरहिट होके रहेगी जिसमें औक़ात हो रोक के दिखा दे!

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shivay

पहले राजनीतिक विचारधारा दो फाड़ हुई। देशद्रोही और हिन्दू से घृणा करने वाले जहाँ सेकुलर कहलाये हम वहीं भक्त और राष्ट्रवादी.. इस पर सवार होकर फिर सोशल मीडिया और मुख्य धारा मीडिया दो फाड़ हुई।

शिक्षण संस्थान भी इससे अछूते नहीं रहे JNU जहाँ अपने देशविरोधी नारों के लिए चर्चा में आया वहीं BHU और DU में राष्ट्रवादियों ने भी अपना दम बखूबी दिखाया।

समाज भी अब कहाँ चुप बैठने वाला सो वो भी मुखर हो आ गया मैदान में, मौन भी रहा किसी वजह से तो आँखों के इशारों ने देश को समझा दिया कि कौन किस साइड है। फिलहाल न्याय पालिका और मुम्बई का फिल्म उद्योग अपनी राह तलाश रहा है।

न्याय पालिका में एक तरफ जहाँ CJI…T S ठाकुर कॉलेजियम सिस्टम पर अड़कर सेकुलरों में जहाँ अपनी जगह पक्की कर चुके हैं तो वहीं सुप्रीम कोर्ट के एक अन्य जज ने कॉलेजियम पर हो रही मीटिंग में ना जाकर हम सबका ध्यान खींचा है, जल्द ही इस पर कुछ धमाकेदार होने की उम्मीद हम कर सकते हैं।

अब बारी आती है मुम्बई के फिल्म उद्योग यानि बॉलीवुड की। अक्सर हम देखते/सुनते आये हैं फलाने सेकुलर फिल्म निर्माता/निर्देशक/अभिनेता ने अमुक फिल्म में हिन्दू साधु संतों या देवी देवताओं का अपमान कर दिया…. है ना छिटपुट विरोध और नौटंकी के बीच हम इसे भुला देते हैं।

किन्तु ये मानवीय चूक या प्रगतिशीलता का ढोंग मात्र नहीं होता बल्कि एक सोची समझी रणनीति के तहत ऐसा किया जाता है। क्योंकि सेकुलर गिरोह आज अजय देवगन की फिल्म ‘शिवाय’ के दुष्प्रचार में सक्रिय यूँ ही नहीं हो गया है, बाकायदा पेड फिल्म समीक्षक और सेकुलर गिरोह ‘शिवाय’ को एक कमज़ोर, अर्थहीन व औसत फिल्म बताने में जुट गया है वो भी बाकायदा पैसे लेकर….

इसकी समीक्षाएं लिखी जा रही हैं, जो कि अभी रिलीज़ भी नहीं हुई बल्कि दीवाली में रिलीज़ होने जा रही है, साथ ही करण जौहर की भी फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ भी उसी दिन रिलीज़ होने जा रही है। विगत दिनों में जिस प्रकार सहिष्णु शाहरुख की फ़िल्में असहिष्णु राष्ट्रवादियों ने पिटवाई हैं, करण जौहर और तमाम सेकुलरों को डर है कि उनकी आने वाली फिल्म का भी वही हश्र ना हो… सो बाकायदा फिल्म ‘शिवाय’ के विरुद्ध किराए की कलमों को काम पर लगा दिया गया है।

जिसकी पुष्टि स्वयं अजय देवगन ने करण और KRK पर संदेह व्यक्त कर कर दी है, स्वाभाविक है हमेशा की तरह चाहे अक्षय कुमार की फिल्म हो, ऋतिक की हो या विवेक ओबेरॉय और रणवीर कपूर का फ़िल्मी कैरियर हो खान तिकड़ी से पंगा लेने पर क्या हुआ किसी से छिपा नहीं।

चूँकि अक्षय, ऋतिक और अजय अपने प्रशंसकों के बल पर किसी प्रकार बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गए हैं सो बॉलीवुड के पाकिस्तान प्रेमी तबके द्वारा उनकी फिल्मों को ही निशाना बनाया जाने लगा है।

बाहुबली की सफलता से छटपटाये सेकुलरों ने मोहन जोदारो को पटखनी देने के बाद अब अंदर ही अंदर गुट बनाकर अजय देवगन की बहु प्रतीक्षित फिल्म ‘शिवाय’ को निशाना बनाना आरम्भ कर दिया है।

ये इस बात का प्रमाण है कि बॉलीवुड में चरित्र हीनता, गुटबाज़ी ही नहीं बल्कि एक ख़ास एजेंडे के तहत फ़िल्में भी बनाई व प्रमोट की जाती हैं ताकि सेकुलरिज़्म का परचम बुलंद हो सके…. पर अब हम राष्ट्रवादियों ने भी कमर पर बढ़िया वाला ‘नुकीला’ बेल्ट बाँध रखा है…. ज़रा भी सेकुलरिटी झाड़ी तो बेल्ट से उधेड़ लिया जाएगा।

‘शिवाय’ तो सुपरहिट होके रहेगी जिसमें औक़ात हो रोक के दिखा दे!

 

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