जनसंघ की पत्रिका में तिरंगे का हरा रंग हटाया, उसकी जगह भगवा दिखाया, मुस्लिम अवधारणा खत्म करने की मांग

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Jana Sangh Today Magazine के कवर पेज पर राष्ट्रीय ध्वज की फोटो छपी है, जिसमें से ‘Green’ रंग हटाकर उसकी जगह ‘केसरिया’ रंग रखा गया है।

New Delhi (Aware Press) :- शायद भारतीय Jana Sangh ऐसा सोच रहा है कि उसे अपनी मांगों को उठाने के लिए यह उपयुक्त समय है। गौरतलब है कि BJP सरकार Jana Sangh के अध्यक्ष रहे राजनीतिक विचारक पंडित दीन दयाल उपाध्याय का जन्मशती वर्ष मनाने जा रही है। 1980 में भाजपा को जन्म देने वाला Jana Sangh पूरी तरह भंग नहीं हुआ तथा बहुत ही छोटे स्तर पर अस्तित्व में बना रहा। अब इसी जनसंघ ने सरकार से भारत के राष्ट्रीय ध्वज से ‘हरे’ रंग को निकालने की मांग की है। जनसंघ की मासिक पत्रिका ‘Jana Sangh Today’ के सितंबर के अंक में एक कवर स्टोरी प्रकाशित हुई है। इस कवर स्टोरी का टाइटल है ‘अबॉलिश माइनॉरटी कॉन्सेप्ट’ (अल्पसंख्यक यानि मुस्लिम अवधारणा को खत्म करो)।

इस स्टोरी के साथ ही Magazine के कवर पेज पर राष्ट्रीय ध्वज की फोटो छपी है, जिसमें से ‘हरा’ रंग हटाकर उसकी जगह ‘केसरिया’ रंग रखा गया है। Magazine के संपादकीय में कहा गया है कि भारत में ‘असंख्यक अवधारणा’ की शुरूआत बंटवारे के बाद प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। संपादकीय में आगे लिखा गया है कि नेहरू की देन ‘अल्संख्यक अवधावरणा’ ने देश को एक बार फिर बांटने का काम किया है। जनसंघ की पत्रिका ‘जनसंघ टूडे’ ने अपने संपादकीय में लिखा है, ‘सावधान हो जाइए और अल्पसंख्यक अवधारणा को खत्म कीजिए, क्योंकि यहाँ भारत में सभी एक बराबर हैं।’

जनसंघ के बारे में संक्षिप्त विवरण: ‘भारतीय जनसंघ’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ही पुराना नाम है। इसकी शुरुआत श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 21 अक्टूबर 1951 को दिल्ली में की गयी थी। इस पार्टी का चुनाव चिन्ह लैंप था और इसने 1952 के संसदीय चुनाव मे 2 सीटें हासिल की थी, जिसमें डाक्टर मुखर्जी स्वयं भी शामिल थे। भारतीय जनसंघ ने 1952 में 3.1 प्रतिशत वोट के साथ तीन सीट, 1957 में 5.9 प्रतिशत वोट के साथ चार सीट, 1962 में 6.4 प्रतिशत वोट के साथ 14 सीट और 1967 के चुनावों में 9.4 प्रतिशत वोट के साथ 35 सीट हासिल की।

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा (1975-1976) के दौरान आपातकाल लागू करने के बाद जनसंघ सहित भारत के अन्य कई राजनैतिक दलों का विलय कर एक नए दल ‘जनता पार्टी’ का गठन किया गया। जनता पार्टी 1980 में टूट गयी और ‘जनसंघ’ की विचारधारा के नेताओं नें भाजपा का गठन किया। भाजपा 1998 से 2004 तक राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार की सबसे बड़ी पार्टी रही थी। 2014 के आम चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अकेले अपने दम पर सरकार बनाने में सफलता प्राप्त की।

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