किसानों की अच्छी खबर : सोलर पंप के लिए नई योजना, 70 फीसदी तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन

अगर आप सोलर पंप लगवाने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए खबर है। किसानों को अच्छी सिंचाई सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन स्तर से कई प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को सोलर फोटोवोल्टैईक इरीगेशन पंप उपलब्ध कराने की कवायद में जुटा हुआ है। पहले आओ-पहले पाओ योजना के तहत ऑन लाइनआवेदन करने वाले किसानों के चयन की प्रक्रिया चल रही है।

प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कृषकों को सोलर फोटोवोलटैईक इरीगेशन पम्प पर अनुदान देने का प्रस्ताव है। प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था में बिजली की समस्या और डीजल चालित पम्पसेट पर आधारित होने के कारण कृषि लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। ऐसी स्थिति में वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोत के रूप में सोलर पम्प सिंचाई व्यवस्था में कृषकों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोलर फोटोवोल्टैईक इरीगेशन पम्प योजना के अन्तर्गत लाभार्थी किसानों की चयन प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए चयन प्रक्रिया का नये सिरे से सरलीकरण किया है।

प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद द्वारा जारी निर्देश के अनुसार गत वर्ष के अवशेष 5853 सोलर फोटोवोल्टाइक इरीगेशन पम्पों की स्थापना के लक्ष्य के लिए अब ”पहले बैंक ड्राफ्ट लाओ-पहले सोलर पम्प पाओ” के आधार पर चयन किया जाएगा। इसके लिए आगामी 18 अगस्त तक ऐसे पंजीकृत किसान, जो बोरिंग एवं जल स्तर की उपयुक्तता के अनुसार बैंक ड्राफ्ट उपलब्ध करायेंगें, उन्हें बैंक ड्राफ्ट जमा करने की तिथि व समय के आधार पर पहले आओ-पहले पाओ के सिद्धान्त पर उपलब्ध कराया जाएगा। लाभार्थी किसानों का चयन विकास खण्ड एवं जनपद हेतु आवंटित लक्ष्यों की सीमा तक ही किया जाएगा।

यदि किसी विकास खण्ड में कम बैंक ड्राफ्ट प्राप्त होते हैं, तो जनपद के दूसरे विकास खण्ड के कृषकों का चयन जनपद के लक्ष्यों की सीमा तक किया जाएगा। इसके अलावा यदि किसी जनपद में लक्ष्य से कम बैंक ड्राफ्ट प्राप्त होते हैं, तो ऐसे जनपद जहां अधिक बैंक ड्राफ्ट प्राप्त हुए हैं, के लक्ष्यों में परिवर्तन करते हुए पुनः अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किया जाएगा तथा लक्ष्य से अधिक प्राप्त होने पर उसे आगामी वर्ष के लक्ष्य के विरूद्ध समायोजित किया जाएगा। इच्छुक किसान सम्बन्धित उप कृषि निदेशक कार्यालय से सम्पर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान वर्ष के 10,000 सोलर इरीगेशन पम्प लक्ष्यों के चयन हेतु ऐसे कृषक, जो पोर्टल पर पंजीकृत रहते हुए सोलर पम्प प्राप्त करने के इच्छुक है, वे 10 सितम्बर, 2018 से 10 अक्टूबर, 2018 के बीच कृषक अंश के बैंक ड्राफ्ट सम्बन्धित उप कृषि निदेशक कार्यालय में जमा कर सकते हैं।

सोलर वॉटर पंप पाने की प्रक्रिया

सोलर वॉटर पंप पाने के लिए किसान को सबसे पहले एक आवेदन पत्र भरना होगा और अगर किसान ने पारदर्शी योजना में अपना पंजीकरण नहीं कराया है तो वह पहले कराना होगा। एक बार पंजीकरण हो जाने पर पंजीकरण संख्या मिल जाती है जिसे किसानों को अपने पास सुरक्षित रखना होता है। संख्या के ज़रिए ही किसान सोलर वाटर पंप के लिए आवेदन कर सकता है। यह आवेदन कभी भी किए जा सकता है और सरकार लाभार्थी चुनने के लिए पहले आओ पहले पाओ का फॉर्मूला अपनाती है। इसलिए किसान जितना जल्द आवेदन करेगा उसके लाभार्थी सूची में चुने जाने की संभावना उतनी ज्यादा होगी। सरकार द्वारा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने के बाद किसान सोलर वाटर पंप के अलावा बीज और खाद भी इसी तरह से बुक करा सकता है।

योजना की शर्तें

  • कृषि विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराकर सोलर पंप की मांग की गई हो।

  • बोरिंग स्थल पर विद्युत कनेक्शन न हो।

  • जनपद में लक्ष्य की सीमा तक के कृषकों का चयन पंजीकरण के क्रमानुसार किया जाएगा।

  • 18 अगस्त,2018 तक पंजीकृत कृषकों द्वारा बैंक ड्राफ्ट कृषि विभाग के पोर्टल पर अपलोड किए जा सकते हैं अथवा संबंधित उप कृषि निदेशक कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।

  • बैंक ड्राफ्ट प्राप्त होने के उपरांत सप्ताह के अंदर कृषक की पात्रता का स्तयापन उप कृषि निदेशक द्वरा कराया जाएगा।

https://www.youtube.com/watch?v=CpsBitH6aoU

योजना का लाभ लेने के लिए दस्तावेज

  • उत्तर प्रदेश का स्थायी प्रमाण पत्र

  • बैंक खाता की कॉपी

  • किसान के पहचान की कॉपी

  • किसान प्रमाण पत्र

  • फोटो आवेदक की

अगर कोई भी किसान इस योजना के तहत लाभ लेना चाहते हैं तो आपको उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके लिए upagripardarshi.gov.in पर क्लिक करना होगा। यहां आपको सोलर पंप के लिए आवेदन भरना होगा।