ब्लॉग: भारतीय वामपंथी पूंजीवाद की अर्थी को समुद्र में फेंकने जाते हुए ब्राह्मण सीताराम येचूरी !

गुस्ताखी माफ….. जब से भारत में व्हाटसअप यूनिवर्सिटी खुली है उसके बाद एकाएक इतिहासकारों की फौज सी तैयार हो गई है! लालकिले से लेकर क्या टीवी और क्या सोशल मीडिया! मैंने इतिहास में तकरीबन 10 साल माथाफोड़ी करने के बाद यह पाया कि झूठे व मनगढ़ंत इतिहास और तथाकथित अधार्मिक शास्त्रों को धार्मिक बताने वाली काल्पनिक किताबों को छोड़कर वर्तमान युग में जी रहे लोगों का जीवन कैसे बेहतर हो उस पर काम करना शुरू करना चाहिए!

देश का प्रधानमंत्री कहता है कि गणेश रूपी मरीज की देह पर हाथी का सिर सेट करना हमारी प्राचीन शल्य चिकित्सा का अद्भुत नमूना है तो उनकी तरह के वैज्ञानिक, चिकित्सक व इतिहासकार इस देश मे पैदा होंगे ही! व्हाटसअप यूनिवर्सिटी वाले छात्र अब परीक्षा पास करके पीजी करने के लिए जिओ यूनिवर्सिटी में दाखिला जो लेने जा रहे है!

  • पुष्पक विमान दुनियाँ का सबसे पहला हवाई विमान था!
  • सीता दुनियाँ की सबसे पहली टेस्ट ट्यूब बेबी थी!
  • संजय लाइव टेलीकास्ट देने वाला पहला संवाददाता था!
  • नारद दुनियाँ का पहला पत्रकार था!
  • तीन लोकों का विशेषज्ञ राम पत्नी के अपहरण पर मेरे जैसे आशिकों की तरह फुट-फुट कर रोया था!
  • अपनी पत्नी को दांव पर लगाने वाला धर्मराज युद्धिष्ठिर सेंसेक्स का निर्माता था!
  • पंडित तुलसी प्यार में अंधा होकर सांप को पकड़कर महबूबा के घर मे ऊपर से उतरने वाला पहला वैलेंटाइन था!
  • महर्षि गौतम को जाल में फंसाकर सुबह चौथे पहर में नहाने भेजकर कुटिया में पत्नी के साथ रंग-रैलियां मनाने वाला इंद्र एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का जनक था!
  • पार्वती नामक कन्या उम्र के साथ मरती रही लेकिन शंकर अमर होने की दवा खोजने वाला पहला विशेषज्ञ था!

कहाँ इतिहास को भूलने की बात करता-करता मैँ खुद इन महान ऐतिहासिक वैज्ञानिकों तक जा पहुंचा मुझे पता ही नहीं चला!क्या करे एलोपैथी वाला डॉक्टर एक पत्थर का चेकअप करके कहता है कि सेनापति फिट फ़ॉर फाइट है तो हम जैसे सिपाही क्या करे।

कोई यूपी वाला नेता बता रहा था कि डार्विन की थ्योरी गलत थी!साथ मे यह भी सिद्ध कर देते कि सोने का भागने वाला हिरण कैसे सही था।

कल एक नया नवेला इतिहासकार बता रहा था कि शेर, कुत्ते, बिल्ली, लोमड़ी एक ही प्रजाति है बस काम के हिसाब से बनावट में फ़र्क आता गया!मेरे तो दिमाग की बत्ती गुल हो गई और मेरी इतिहास व विज्ञान की किताबें फेंकने के बाद मैं भी उसी मोड़ पर आ गया हूँ!

अब मैं सुनाता हूँ प्राणी जगत का इतिहास आप सुनिए…..
बिल्ली तेंदुए की पोती है!
चूहा हाथी का पड़पौता है!
कुतिया बिल्ली की मौसेरी बहन है!
बगुला घायल बतख है!
कछुआ पानी मे भटकने वाला गैंडा है!
कुत्ता शेर का छोटा भाई है!
केंचुआ कोबरे का मुंह बोला भाई है!
गधा घोड़े की नाजायज औलाद है!
खच्चर अधूरे रोमांस का परिणाम है!

यह मैँ पूर्ण दावे के साथ कह रहा हूँ क्योंकि यही असली इतिहास है। लिखने में मेरी कोई गलती नहीं है व इस बारे में मेरा अध्ययन बिल्कुल पुख्ता है!गलती यह हुई कि पहले जिन्होंने लिखा था उन्होंने सोमरस पीकर लिखा था व अब व्हाटसअप यूनिवर्सिटी के इतिहासकार/वैज्ञानिक देशी ठर्रा (ढोलामारु ब्रांड) पीकर लिख रहे है! अब नशे में इधर का अंग उधर या इधर की मिट्टी उधर लगा दे तो भौतिक अवस्था मे थोड़ा परिवर्तन हो जाता है लेकिन है तो सब एक ही! कभी कभार मदिरा की मदोहशी बड़ा बदलाव ला ही देती है बाकी सुबह उठेंगे तो उजड़ते आशियाने को आंख मचलकर देखेंगे कि हम ऐतिहासिक विश्वगुरु व 21वीं सदी के महान वैज्ञानिक कहाँ तक पहुंचे है।

अंत मे फोटो में भारतीय वामपंथी पूंजीवाद की अर्थी को समुद्र में फेंकने जाते हुए। हद है हमारे हर सब्जेक्ट के विशेषज्ञों की!
ताजमहल को अजूबा घोषित करने वालों को ढूंढो! मेरा तो पूरा देश ही अजूबा है एक बिल्डिंग को अजूबा बताने की गुस्ताखी क्यो?