किसी ने नहीँ सोचा होगा कि, भारत मे सिगरेट को दवा के रूप में प्रयोग किया जायेगा !!

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जिसने सिगरेट बनाई उसने कभी सपने मे भी नहीँ सोचा  होगा कि, हिंदुस्तान के लोग में सिगरेट को दवा के रूप में प्रयोग किया जायेगा ?

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यहाँ हिंदुस्तान में आधे लोग खाना खाने के बाद उसे पचाने के लिए सिगरेट को “भास्कर चूर्ण” कि तरह लेते है ….. ?

और
बाकी आधे तो सुबह उठकर इसको “कायम चूर्ण” या “पेट सफा” कि जगह इस्तेमाल करते है…! !

धूम्रपान पर शंभू नाथ की कविता : क्यों मौत बुला रहे हो?

क्यों कश लगा रहे हो,
धुआं उड़ा रहे हो।

अपने आप अपनी,
क्यों मौत बुला रहे हो।।

क्यूं यार मेरे खुद ही,
खुद का गला दबा रहे हो।

अनमोल जिंदगी है,
बर्बाद न कीजिए।
उसके बदले सुबह-शाम,
दूध पीजिए।।

                                                 औरों को बुरी लत का,
नशेड़ी बना रहे हो।
40 की उम्र पार करते,
                                               खांसी सताएगी।
दम उखड़ जाएगी,
जिंदगी रुलाएगी।।
फोकट में यार अपनी,
सेहत गला रहे हो।।
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