नरेंद्र मोदी सरकार ने इस्लामिक आतंकी ट्रेनर जाकिर नाइक की संस्‍था पर लगाया 5 साल का बैन

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मुंबई – (यूनाइटेड हिन्दी) : बांग्‍लादेश में ढाका के एक कैफे पर हमला करने वाले मुस्लिम आतंकियों में से काफी के इस्लामिक आतंकी ट्रेनर जाकिर नाइक से प्रभा‍वित होने की बात सामने आई थी।

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आज अभी-अभी आज मंगलवार शाम को केंद्र सरकार ने विवादित मुस्लिम उपदेशक व इस्लामिक आतंकी ट्रेनर जाकिर नाइक के गैर-सरकारी (एनजीओ) संगठन पर 5 वर्ष तक का प्रतिबंध लगा दिया है। जाकिर नाइक की संस्‍था इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्‍त होने का पुख्ता आरोप है। कैबिनेट ने एनजीओ को गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत ‘गैरकानूनी’ घोषित करते हुए पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया है। इससे पहले, एनजीओ को सीधे विदेशी फंड्स मिल रहे थे और गृह मंत्रालय ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से कहा था कि वह एनजीओ को कोई धन देने से पहले इजाजत ले।

केंद्र सरकार ने अगस्‍त में इस्लामिक आतंकी ट्रेनर जाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) को मिलने वाली फंडिंग की जांच के आदेश दे दिए थे। भारत सरकार ने यह आदेश उस बात के सामने आने के बाद दिया था जिसमें पता लगा था कि बांग्लादेश के ढाका में हमला करने वाले सभी मुस्लिम आतंकी जाकिर नाईक से प्रेरित थे। इस साल 1 जुलाई को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक रेस्टोरेंट में आतंकी हमला हुआ था। इसमें 2 पुलिस ऑफिसर और 5 हमलावरों समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। इस्लामिक आतंकी ट्रेनर जाकिर नाइक के संगठन पर आरोप है कि उसे विदेश से पैसा मिलता है जिसका इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों और युवाओं को आतंक की तरफ खींचने के लिए किया जाता है। jaakir-ka

गृह मंत्रालय की प्रारंभिक जांच में पाया गया था कि एनजीओ विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के प्रावधानों के खिलाफ गतिविधियां कर रही है। जांच में यह भी बात सामने आई थी कि हमलावरों ने घटना के वक्त जाकिर नाइक की स्पीच का हवाला दिया था। गृह मंत्रालय ने जाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए FCRA लाइसेंस रद्द करने से पहले फाइनल नोटिस दे दिया है।

…….. नीचे कमेन्ट करके बताये क्या आप इस फैसले से सहमत है ?

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