बजट 2018: अब किसानों को ठगने की तैयारी, 1.81 लाख करोड़ का महा घोटाला सामने आया!

शहरी मध्य वर्ग के समर्थन से सत्ता के शिखर पर पहुंची मोदी सरकार को अपने शासन के आखिरी साल में गांवों की याद आई है, जब नोटबंदी, जीएसटी और बेरोजगारी के चलते लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है।

केंद्रीय कृषि बजट व राजस्थान के चुनाव परिणाम…….
आज मोदी सरकार ने अपना अंतिम पूर्ण बजट पेश कर दिया। मोदी सरकार ने 2014 में जो किसानों से वादे किए थे उसका क्या हुआ, उससे आज पूर्ण रूप से पर्दा उठ गया।मोदी कार्यकाल में कृषि वृद्धिदर औसतन 1.4% रही जबकि सेवा सेक्टर की वृद्धि दर 8% के लगभग रही है। कृषि विकास दर 2014-15 में 1% थी तो 2017-18 में 1.9% रही है। तमाम समस्याओं/आपदाओं/सरकारी बेरुखी के बावजूद इस साल किसानों के बूते 27.66 करोड़ टन अनाज उत्पादन करने का लक्ष्य सरकार ने तय किया किया है।पेश बजट के आंकड़ो के मुताबिक 9.5 करोड़ किसान परिवार यानि 59% आबादी खेती पर निर्भर है। 59% आबादी के लिए किए गए प्रावधानों को देखकर सिर शर्म से झुक जाना चाहिए। सरकारों का किसानों के प्रति नजरिया क्या है वो समझ मे आ जाना चाहिए।

1. रबी फसल के मूल्य की तरह खरीफ फसल का मूल्य भी किसानों को लागत का डेढ़ गुना देने का प्रयास किया जाएगा! यानि स्वामिनाथन आयोग की रिपोर्ट गेहूँ, जौ, चना, मसूर, सरसों आदि पर पहले से ही लागू है व चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, मूंगफली, गन्ना आदि पर भी लागू करने का प्रयास करेंगे उसके लिए नीति आयोग को व्यवस्था करने के लिए कहा जायेगा।

2. मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय में बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए बांस मिशन चलाया जाएगा जिसके लिए 1290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ध्यान रखना होगा इस देश मे बांस मिशन पहले से ही चल रहा है।

3. 2000 करोड़ रुपये का एग्रीकल्चर मार्किट व इंफ्रा फण्ड बनाया जाएगा ताकि किसानों के उत्पाद बिकने की व्यवस्था हो सके! ध्यान रखना होगा कि किसानों की समस्या कर्ज, बिजली व लागत का डेढ़ गुना कीमत है जबकि इससे बिचौलियों की व्यवस्था होगी!

4. आलू, प्याज, टमाटर आदि सब्जियों के भावों के उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए ऑपरेशन ग्रीन के नाम पर 500 करोड़ रुपए के फण्ड का प्रस्ताव किया गया है। इसमें स्पष्ट नहीं किया गया है कि भाव ज्यादा होने पर आयात करने में व कम होने पर किसानों को राहत के रूप में कितनी राशि दी जाएगी। यह बजट भी इस काम के ऊँट के मुंह मे जीरा है।