SP का Chinese बम, BJP की लड़ी, BSP का अनार, कांग्रेस की फूलझड़ी जनता खरीदेगी या करेगी बहिष्कार?

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ब्लॉग (ब्‍लॉग लेखिका सुरभि आर शर्मा) – समाजवादियो को इस बात की परवाह नहीं कि चुनाव नज़दीक है.. चुनाव हारे या जीते…. शायद कोई फर्क नहीं पड़ता.. पार्टी पर किसका कब्ज़ा होगा यह ज़रूरी हो गया है। पिछले कई महीनो से चले आ रहे आंतरिक ड्रामो को देखकर कहना गलत नहीं.. इस समय समाजवादियो का पारिवारिक कुनबा सियासी मोह के चलते बिखर चुका है। समाजवादियो का झगड़ा अगर इसी राह चलता रहा तो सबसे अहम सवाल… कौन होगा समाजवादी पार्टी का उत्तराधिकारी? पार्टी पर किसका होगा राज? असली मसीहा कौन होगा?

diwali-politics

समाजवादियो में कौन क्या चाहता है ये खुलकर सामने तो है लेकिन आगामी चुनाव में मुद्दों की लड़ाई नहीं, फिलहाल उत्तराधिकारी की लड़ाई चर्चा का विषय बन गयी है! समाजवादियो को मानना पड़ेगा पिछली बार अकेले दम पर स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाले समाजवादी इस बार जनता और उससे जुड़े मुद्दों को तवज्जो देना भूल रहे है। बहरहाल नेता जी (समाजवादियो के अब्बा) भले ही किसी फॉर्मूले से इस equation को सोल्व कर ले लेकिन क्या गारंटी की आगे सब कुछ ठीक रहे ?? साफ़ है झगड़ा अगर जल्द ख़त्म नहीं हुआ तो न सिर्फ गैर यादव नेता बल्कि जनता भी दूसरी पार्टियों का रुख करेंगी!

#भारतीय जनता पार्टी की लड़ी
उत्तर प्रदेश में बीजेपी मज़बूत स्थिति में पहुचने की कोशिश कर रही ज़ाहिर होता दिख रहा है!

सपाइयों का झगड़ा क्या करेगा बीजेपी को मज़बूत ?
बहुजन समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेताओ का भारतीय जनता पार्टी में आना और बाद में कांग्रेस का बड़ा चेहरा रीता बहुगुणा जोशी का भाजपा पार्टी से जुड़ना… भाजपा को सरकार बंनाने के रास्ते में आगे बढ़ने का मौका दे चुकी है। वैसे भाजपा ने एक और बड़ी चाल चली है… गड़े मुद्दों का पिटारा फिर खोल दिया। चुनावी फ़िज़ा में जय श्री राम, यूनिफॉर्म सिविल कोड और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे छाए हुए है।

क्या वाक़ई श्री राम मंदिर का मुद्दा लोगो की प्राथमिकता है ? ये पब्लिक है सब जानती है, चुनावी मुद्दों में ही आते है श्री राम याद !

भाजपा की राजनितिक गणना के बादशाह हर दांव को सही जगह बिठाने की कोशिश में तो है लेकिन क्या सर्जिकल स्ट्राइक के साथ-साथ हिन्दुत्व के मुद्दे को आपस में जोड़ने का रिस्क उठाया जाएगा ?

#कांग्रेस की फूलझड़ी
उत्तरप्रदेश की राजकीय सत्ता से 27 साल से बाहर रही कांग्रेस को क्या इस बार मिलेगा जनता का सहारा?
कांग्रेस ने हाल में खोले गए पत्तो से ये ज़ाहिर कर दिया की चुनाव के बाद पार्टी को गठबंधन से कोई आपत्ति नहीं… आपत्ति हो भी कैसे? राहुल (पप्पू) के पठाखे चल ही नहीं पाते!

राहुल गांधी ने अपनी खाट खड़ी कराने वाली सभाओं में किसान रॉकेट उड़ाने की कोशिश तो की थी… लेकिन सभाए हास्यास्पद तब बनी जब लोग रॉकेट उड़ाने की बोतले साथ ले गए! वैसे राहुल ने अपनी कांग्रेस फ़ौज के साथ किसान यात्रा में कार्यकर्ताओं का उत्साह तो बढ़ा दिया लेकिन जनता के दिलो पर राज करने का ख़्वाब पूरा करने के लिए उन्हें प्रियंका वाड्रा के चमत्कार पर निर्भर रहना होगा।

#बहुजन समाजवादी पार्टी का अनार
मौका देख के चौका मारना कोई बहुजन समाजवादी पार्टी वालों से सीखे…. दूसरो के सुतली बम को भी अपना बनाके फोड़ने की कला कोई बहुजन समाजवादी पार्टी से जाने….. बहुजन समाजवादी पार्टी के कुम्भकर्ण भी सिर्फ तभी जागते है जब किसी दलित पर होता है अत्याचार… लेकिन 2007 के करिश्मे को दोहराने के लिए बहुजन समाजवादी पार्टी को दलित के साथ आ रही है ब्राह्मणों की भी याद सताने लगी है!

उत्सुकता इस बात को लेकर भी है कि चुनाव से महीनों पहले उठाये गए मुद्दों का कैसा दिखेगा सियासी असर…. तब तक no matter what …… wait and watch…. no matter what u feel…. life goes on….. happy diwali

(मूल ब्‍लॉग लेखिका सुरभि आर शर्मा देश के चैनल इंडिया टीवी में न्‍यूज एंकर हैं व ब्लॉग में यूनाइटेड हिन्दी ने संसोधन किया है)

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