बिना कपड़ों के पड़ी नवजात बच्ची की लोग खींच रहे थे तस्वीर, फिर ये दो लड़कियां बनी मिशाल

a newborn was left abandoned on the pavement on a
बेंगलुरु की इलेक्ट्रोनिक्स सिटी के नजदीक एक सड़क पर एक नवजात बच्ची पाई गई, बच्ची के शरीर पर कोई कपडा नहीं था, देखने से प्रतीत हो रहा था कि बच्ची को हाल ही में वहां फेंका गया था…

बेंगलुरु से एक बार फिर से ऐसी खबर आई है जिसे पढ़ कर आप पहले तो इंसानियत पर से आपका विश्वास उठ जाएगा लेकिन पूरी खबर पढ़ कर वो विश्वास फिर से कायम हो जायेगा, क्योंकि कुछ लोगों की वजह से इंसानियत गन्दी जरूर होती है लेकिन उस इंसानियत को बनाए रखने वाले लोगों की भी दुनिया में कमी नहीं है।

बेंगलुरु की इलेक्ट्रोनिक्स सिटी के नजदीक एक सड़क पर एक नवजात बच्ची पाई गई, बच्ची के शरीर पर कोई कपडा नहीं था, देखने से प्रतीत हो रहा था कि बच्ची को हाल ही में वहां फेंका गया था।

लेकिन हद तो तब हो गई कि बच्ची की तस्वीर लेने वाले लोग तो वहां मौजूद थे लेकिन किसी ने उस बच्ची को उठाकर उसकी मदद करने की परेशानी नहीं उठाई, किसी भी व्यक्ति की इंसानियत उस वक्त सामने नहीं आई जो उसे अस्पताल पहुंचा सकते। ऐसे में बेंगलुरु के बेहुर रोड पर स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाली दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर लड़कियां उस बच्ची के लिए मसीहा बनीं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर मैत्री मंजुनाथ अपने ऑफिस से रात करीब 9.30 पर अपने घर पहुंची तभी उनकी दोस्त का फोन उनके पास आया और उन्हें इस मामले के बारे में अवगत कराया।